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रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कैसे बढ़ाएं ?

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कैसे बढ़ाएं ? – स्वस्थ जीवन के लिए आहार की उपयोगिता

महामारी (कोविड 19) के इस दौर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) की चर्चा आम होती है। अब सवाल ये उठता है कि हम अपने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कैसे बढ़ा  सकते हैं। शरीर  की इम्युनिटी बढ़ाने के कई तरीके हैं जिनमें से सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका अच्छा एवं पौस्टिक भोजन है। हम लोग स्वस्थ व् पोस्टिक भोजन करके अपने शरीर के इम्युनिटी सिस्टम को बड़ा कर अन्य रोगों के साथ – साथ कोरोना जैसी महामारी से भी लड़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त हम अपने नित्य के खानें में पोषक तत्वों का उपयोग  बढ़ाकर समय से पहले उम्र के बढ़ने की समस्या को काफी हद तक काबू कर सकते हैं। आज  के ब्लॉग में हम  बात करते हैं कि अच्छा भोजन करके हम कैसे अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कैसे बढ़ाएं ? और स्वस्थ जीवन के लिए आहार की क्या उपयोगिता है। 

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) के कमजोर होने के मुख्य कारण

आज कल तीस साल की उम्र पार करने के साथ ही हमारा प्रतिरोधी तंत्र धीमा पड़ जाता है। प्रतिरोधक स्तर को कम करने के मुख्य कारक  हैं, भोजन करने के समय में अनियमितता, पार्टियों में जाना, बाहर (रेस्त्रा) का खाना खाना, जंक फूड आदि का इस्तेमाल करना। इसके अलावा हम सभी को विभिन्न वाहन, उद्योगों से निकलने वाले धुएं, कीटनाशक व खाद्य योजकों आदि का भी सामना करना पड़ता है। इनमें मौजूद रसायन उम्र के बढ़ने की रफ्तार को तेज कर देते हैं। दरअसल हमारे फेफड़ों में प्रवेश करके ये हमारी कोशिकाओं को जहरीला बना रहे हैं। जिससे हमारी धमनियों को नुकसान हो रहा है, हमारा  शरीर लगातार तनावग्रस्त हो रहा है और हमारे शरीर को कमजोर करने वाले तत्वों (रेडिकल्स) में भी वृद्धि हो रही है।

मुक्त रेडिकल्स शरीर की कोशिकाओं के नष्ट होने को प्रोत्साहित करते हैं। ये रेडिकल्स भीतर से हमारी आयु बढ़ाते हैं। जो जहरीले पदार्थ, सांस या खाद्य पदार्थों के माध्यम से हमारे भीतर प्रवेश करते हैं दरअसल हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन हमें इस सब का पता नहीं चलता। ये हमें भीतर से कमजोर कर देते हैं। ऐसा होने पर संक्रमण को दूर रखने वाली श्वेत कणिकाएं नष्ट होने लगती हैं और हमारी प्रतिरोधी क्षमता कम हो जाती है। इससे कई समस्याएं जन्म लेती हैं जैसे त्वचा में झुर्रियां, प्रतिरोधी क्षमता में गिरावट, ऊर्जा का कम होना, बार-बार सर्दी-जुकाम का शिकार होना, दमा, एलर्जी और कैंसर, दिल का दौरा, समय पूर्व रजो निवृत्ति, तनाव आदि ।

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के तरीके

इन खराब हालातों के बीच अच्छी खबर यह है कि खाने में पोषक पदार्थों के उपयोग को बढ़ाकर समय से पहले उम्र बढ़ने  की और बीमार होने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। हम रोगों से  कितनी अच्छी तरह से लड़ सकते हैं यह काफी हद तक इस बात से निर्धारित होता है कि हम भोजन के विषय में कितना सचेत रहते हैं। खाने में क्या शामिल हो, इसकी आधार भूत जानकारी से हम स्वयं को रोगों और खराब सेहत से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के लिए आप निम्न प्रकार के आसान तरीके आजमा सकते हैं :-

  •  प्रतिदिन तीस मिनट व्यायाम (एरोबिक्स) करें, जिसमें तैराकी, साइकिल चलाना, जॉगिंग आदि शामिल है।
  • रोज पच्चीस-तीस मिनट टहलना पर्याप्त है। सैर एक आदर्श व्यायाम होता है, उम्र चाहे जो भी हो।
  • धूम्रपान या अन्य तम्बाकू निर्मित पदार्थों से बचें।
  • वजन को नियंत्रण में रखें। इसके लिए कम सेच्युरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल यानी कम वसा युक्त व कम कैलोरी वाला भोजन चुनें।
  • फल और सब्जियों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और पादप रसायन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो रोगों को दूर भगाते हैं और स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। मुक्त रेडिकल्स के खतरों को भी ये निष्प्रभावी कर देते हैं। रोगों से बचाव की विशेषता का लाभ उठाने के लिए रोज तीन-चार तरह के फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • आक्सीकृत खाद्य पदार्थ जैसे तले हुए भोजन, उच्च वसा वाले बर्गर, कोला, सफेद ब्रेड आदि के सेवन से बचें।
  • विटामिन ए, क्रोमियम, सेलेनियम, जिंक, विटामिन सी और विटामिन ई की खुराक प्राकृतिक रूप में या गोली के रूप में नियमित लें। विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन ए सी ई हमारी प्रतिरोधी क्षमता और रोगों से लड़ने की क्षमता को और मजबूत बनाता है। दवाई के रूप में एंटीऑक्सीडेंट लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
  • दही रोज खाएं। दही में मौजूद बैक्टीरिया प्रतिरक्षी गतिविधियों को सुचारू रखते हैं।
  • चेहरे, बाहों और हाथों को कुछ देर के लिए धूप लगने दें, इससे संक्रमण और फफूंद से लड़ने में सहायता मिलेगी। यह प्रतिरोधात्मकता में बढ़ोतरी करता है और बैक्टीरियल तथा वायरल रोगों से लड़ने में भी मददगार होता है।
  • नीबूं का प्रयोग नित्य के भोजन के साथ करने की आदत दाल लें इसके सेवन से भरपूर विटामिन सी मिलता है। नीबूं को आप दाल, सब्जी में या पानी में निचोड़ इ भोजन के साथ कर सकते हैं ।

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