https://zindagiblog.com/zindagiblog.com
जिंदगी जीने के लिए ...

Motivational

खराब आदतें कैसे बदलें

खराब आदतें कैसे बदलें – गलत आदतों से छुटकारा कैसे पाएं

एक व्यक्ति कई बातों का आदी हो जाता है, इसलिए वह बदल नहीं पाता। आदतों की जड़ें अवचेतन मन में होती हैं, इसलिए कई बार आदतें बदलने की कोशिशें असरदार नहीं होतीं। हमारा जीवन आदतों से चलता है। पुरानी आदतें मुश्किल से छूटती हैं। हमारे संस्कार हम पर राज करते हैं। आदतें पहले मकड़ी के […]

खराब आदतें कैसे बदलें – गलत आदतों से छुटकारा कैसे पाएं Read More »

मदर टेरेसा मानवता की मां – Mother Teresa एक  सर्वश्रेष्ठ भारतीय

कुछ वर्ष पूर्व एक पत्रिका के सर्वेक्षण में मदर टेरेसा को आजादी के बाद से भारत का सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति घोषित किया गया। इस सर्वे में मदर टेरेसा ने क्रम में पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी पीछे छोड़ दिया। सर्वेक्षण में महात्मा गांधी का नाम शामिल नहीं किया गया

मदर टेरेसा मानवता की मां – Mother Teresa एक  सर्वश्रेष्ठ भारतीय Read More »

सच कैसे बोलें

सच कैसे बोलें – क्या हमें हमेशा सच बोलना चाहिए ?

सच का हर क्षण अपने आप में सुंदर है। यह ईश्वर की तरह पारलौकिक, अनंत, संपूर्ण और व्याप्त है। इसलिए जो कुछ कहो सच कहो, लेकिन सीधे नहीं परोक्ष सत्य के उद्देश्य में तथ्य की स्पष्टता रखो न कि आहत करने की संभावना। चूंकि मानव की समझ सीमित है, इसलिए सच सीधे न होकर सरल

सच कैसे बोलें – क्या हमें हमेशा सच बोलना चाहिए ? Read More »

Wilma Rudolph

Wilma Rudolph – दुनिया की सर्वश्रेष्ठ धावक

सितम्बर 1960 की वह सातवीं तारीख थी। रोम के ओलिम्पियाड स्टेडियम में दर्शक खचाखच भरे हुए थे। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ धावक तय करने वाले इस क्षण का गवाह बनने के उत्सुक उन दर्शकों के अलावा हजारों लोग बाहर भी जमा थे। इन लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुक तो अमेरिका के लोग थे, क्योंकि वहां की

Wilma Rudolph – दुनिया की सर्वश्रेष्ठ धावक Read More »

अपना अपना सच

अपना अपना सच – सच्चिदानंद का अर्थ क्या है ?

सत्य सभी सीमाओं और संकीर्णताओं को तोड़कर निर्बन्ध बहता है और सभी विरोधाभासों को अपने में समाहित कर लेता है। यह सत्य का स्वरूप है, सत्य की चेतना है, सत्य का आनंद है। यह सत्य की सार्वभौमिकता है। दुनिया में महापरूषों ने सत्य को अपने अपने तरीके से परिभाषित किया है आगे हम जानते हैं

अपना अपना सच – सच्चिदानंद का अर्थ क्या है ? Read More »

सत्य की खोज महात्मा गांधी

सत्य की खोज महात्मा गांधी – महात्मा गांधी की नजरों में सत्य

सत्य सभी सीमाओं और संकीर्णताओं को तोड़कर निर्बन्ध बहता है और सभी विरोधाभासों को अपने में समाहित कर लेता है । यह सत्य का स्वरूप है, सत्य की चेतना है, सत्य का आनंद है। यह सत्य की सार्वभौमिकता है। सत्य की परिभाषा बड़ी व्यापक है अन्य महापरूषों कि तरह महात्मा गाँधी ने भी सत्य के

सत्य की खोज महात्मा गांधी – महात्मा गांधी की नजरों में सत्य Read More »

महात्मा बुध्द का सत्य का मार्ग

महात्मा बुध्द का सत्य का मार्ग – बुध्द की नजरों में सत्य

महात्मा बुद्ध कहते हैं, “सत्य का आग्रह भूलकर नहीं करना चाहिए। सत्य तो अनाग्रह से पैदा होता है।” वे आगे कहते हैं कि “असत्य को पकड़ने की हमारी आदत इतनी जड़ है कि अगर हम कभी एक असत्य को छोड़ते भी हैं तो तत्क्षण हम दूसरे को पकड़ लेते हैं। या अगर कभी भूल-चूक से

महात्मा बुध्द का सत्य का मार्ग – बुध्द की नजरों में सत्य Read More »

सत्य के कितने सिद्धांत हैं

सत्य के कितने सिद्धांत हैं – सच को परखने के सिद्धांत

कोई घटना या विचार सत्य है ? या असत्य ? या अगर वह सत्य भी है तो उसकी वजहें क्या हैं, इन पर दार्शनिक अपने तरीके से विचार करते रहे हैं इस लेख में हम जानते हैं कि दार्शनिक लोगों के अनुसार सत्य के कितने सिद्धांत हैं और  सच को परखने के सिद्धांत कौन कौन

सत्य के कितने सिद्धांत हैं – सच को परखने के सिद्धांत Read More »

  सत्य को कैसे स्वीकार करें

सत्य को कैसे स्वीकार करें – सत्य क्या है झूठ क्या है ?

हम जीवन भर दूसरों के सत्य और अपने असत्य खोजने में लगे रहते हैं इस लेख में हम जानते हैं कि सत्य को कैसे स्वीकार करें  और  सत्य क्या है झूठ क्या है ? अपना अपना सत्य सत्य के बारे में कहा गया है कि यह न तुम्हारा होता है, न मेरा। सत्य वही है

सत्य को कैसे स्वीकार करें – सत्य क्या है झूठ क्या है ? Read More »

कभी झूठ भी अच्छा होता है

कभी झूठ भी अच्छा होता है – झूठ बोलना सही है या गलत ?

झूठ बोलना अक्सर खराब माना जाता है। हालांकि यह सच नहीं है। सच की तरह ही झूठ भी हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा है और कई बार यह सच से भी बढ़कर काम करता है। अक्सर जटिल बीमारियों में लोग डॉक्टर को बंधाई गई झूठी उम्मीद के सहारे लंबा जीवन गुजार जाते हैं। कभी रिश्तों

कभी झूठ भी अच्छा होता है – झूठ बोलना सही है या गलत ? Read More »