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फोन टेपिंग करने के 6 तरीके

फोन टेपिंग करने के 6 तरीके – फोन टैपिंग पर भारतीय कानून

ज कल फोन टेपिंग आम बात हो चली है हम रोज बरोज इस संबंध में अख़बारों में या न्यूज़ चैनलों में पढ़ते या सुनते रहते हैं । चलिए आज जानते हैं कि फोन टेपिंग करने के 6 तरीके  कौन कौन से हैं और फोन टैपिंग पर भारतीय कानून  क्या कहता है ।

फोन टेपिंग (phone tapping) करने के 6 आसान तरीके

फोन टेप करने के 6 आसान तरीके निम्न प्रकार से हैं :-

1- समानांतर कनेक्शन के जरिए सीधी रिकॉर्डिंग

यह माइक्रोफोन या इनलाइन डिजिटल रिकॉर्डर के जरिए होता है। निजी जासूस और बैंक इसी तरीके का इस्तेमाल करते हैं।

2- पुलिस स्कैनर व कॉर्डलेस फोन

फोन रिकार्ड करने का यह तरीका हैकरों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय है। इसके तहत सही फ्रिक्वेंसी ट्यूनिंग के जरिए कॉर्डलेस फोन की बात रिकॉर्ड की जाती है।

3- स्कैनरिक

स्कैनरिक (ScanRec) पुलिस स्कैनर पर फोन कॉल रिकॉर्ड करने के लिए तैयार एक सॉफ्टवेयर है। हैम (एचएएम) रेडियो ऑपरेटर्स के बीच यह सॉफ्टवेयर खूब लोकप्रिय है।

4- फोन क्लोनिंग –

फोन क्लोनिंग के जरिए जिस फोन की कॉल टेप होनी है उसके सिम कार्ड में दर्ज सूचनाओं की कॉपी अपने मोबाइल फोन (जिसमें रिकॉर्डिंग की सुविधा हो) के सिम पर की जाती है। पुलिस द्वारा फोन टेपिंग के लिए यह तरीका अपनाया जाता है।

5- सेल फोन टेपिंग

इसके लिए एक कम्प्यूटर, मोबाइल फोन और संबंधित सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से तरंगों के रूप में बातचीत रिकॉर्ड की जाती है और फिर उन तरंगों को डीकोड किया जाता है।

6- सेंट्रल ऑफिस रिमोट ऑब्जर्वेस मॉनिटरिंग

इसके तहत टेलीफोन कंपनी के जरिए फोन कॉल्स की डिजिटल कॉपी रिकॉर्ड करने वाले के पास भेजी जाती है। निजी जासूस, पुलिस और बीमा कंपनियां इस तरीके का ज्यादा इस्तेमाल करती हैं।

फोन टैपिंग पर कानून

फोन टेपिंग के मामले में भारतीय क़ानून नॉन प्रावधान रता है –

  • टेलीग्राफ एक्ट, 1885 के तहत गैरकानूनी तरीके से किसी का फोन टेप करने की मनाही है। सरकार विशेष परिस्थिति में किसी के फोन टेप करने की इजाजत दे सकती है।
  • 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने फोन टेपिंग से संबंधित दिशा निर्देश तय किए और इसे टेपिंग निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया।
  • मकोका, पोटा आदि कुछ मामलों को छोड़ फोन टेप रिकॉर्ड को अदालतों में सबूत के तौर पर नहीं स्वीकार किया जाता है।
  •  फरवरी, 2006 को दूरसंचार विभाग ने फोन टेपिंग से संबंधित नए दिशा निर्देश जारी किए। इनके तहत फोन टेपिंग मामले में सुरक्षा एजेंसियों और फोन कंपनियों को ज्यादा जवाबदेह बनाया गया।

किन किन के ज्यादा फोन टेप होते हैं

यूं तो किसी का भी फोन टेप हो सकता है, यकीन ज्यादा टेपिंग के शिकार निम्न लोग बन सकते हैं।

  • पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां अक्सर गैरकानूनी तरीके से फोन टेपिंग करती रहती हैं।
  • पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर इलाकों में आने-जाने वाली फोन कॉल की आम तौर पर सुरक्षा एजेंसियां निगरानी करती हैं।
  • चुनाव के समय खुफिया अधिकारी कई नेताओं के फोन कॉल मॉनीटर करते हैं, ताकि दल-बदल व अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लग सके।
  • गैंगस्टर्स, नेता, केबल ऑपरेटर्स, हवाला कारोबारी, शातिर अपराधी और हीरा व्यापारी जैसे लोग छोटे पैमाने पर फोन टेपिंग करते रहते हैं। –
  • कभी-कभी फोन ऑपरेटर कंपनियों के लाइनमैन या स्टाफ और आईटी एक्सपर्ट निजी फायदे के लिए किसी के फोन टेप करते हैं।
  • निजी जासूसी एजेंसियां, फिरौती वसूलने वाले अपहर्ता, स्टॉक मार्केट ऑपरेटर्स और गैरकानूनी एक्सचेंज चलाने वाले बड़े पैमाने पर फोन टेप करते हैं।
  • फोन टेपिंग में वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, नेता, व्यवसायी और पत्रकार आम तौर पर निशाने पर रहते हैं।

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