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योग में काम आने वाले उपकरण

योग में काम आने वाले उपकरण – Equipment for Yoga in Hindi –

ज कल योग एक फैशन की तरह हमारी जरूरत सा बनता जा रहा है और ये सेहत के लिए सही भी है । योगासन शरीर और मन के स्वास्थ्य से संबंधित है। इसमें महत्वपूर्ण है कि आप कितने अच्छे तरीके से अपने शरीर को विभिन्न कोणों में मोड़ और झुका सकते हैं। इसमें मानसिक झुकाव भी शामिल है । इस पद्धति के अंतर्गत मस्तिष्क बारी  बारी से शरीर के सभी हिस्सों को महसूस करता है। योग अभ्यास के लिए आपका मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी होता है । लंबे समय के अभ्यास के बाद भी कभी-कभी कुछ आसन मुश्किल बने रहते हैं। कुछ आसन भी ऐसी शारीरिक क्रिया की मांग करते हैं कि इन्हें सबसे अच्छे और स्वस्थ लोग भी  बिना सहायता के नहीं कर पाते। उपकरणों की सहायता से आसनों का अभ्यास करना न सिर्फ आसान हो जाता है, बल्कि थकान कम होती है और अभ्यास करने में भी आनंद आता है। साथ ही ये उपकरण सभी आसनों को सभी  के लिए समान रूप से आसान बना देते हैं। ये उपकरण  उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं, जो लोग अपनी शारीरिक ऊर्जा को कमजोरी या चोट की वजह से दुबारा प्राप्त करना चाहते हैं। आइए आज हम इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि योग में काम आने वाले उपकरण – Equipment for Yoga in Hindi कौन कौन से हैं और उनकी उपयोगिता क्या है ।

योग में उपकरण  की उपयोगिता –

योगा उपकरण एक ऐसी वस्तु है जो आपको शरीर के विभिन्न कोणों को आसनों के दौरान सहायता प्रदान करते हैं। इनकी सहायता से आप आसन को  लंबे समय तक कर सकते हैं और आपकी ऊर्जा भी संरक्षित रहती है। ये आसनों को आराम दायक तरीके से पूरा करने में आपकी सहायता करते हैं। यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से आपके शरीर और दिमाग को संतुलित करते हैं। रोजमर्रा में काम आने वाली चीजों जैसे दीवार, कुर्सी, स्टूल, कम्बल और पट्टियों के उपयोग ने  योग की आखिरी मुद्रा तक पहुंचने में मेरी सहायता करते हैं । जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं इन उपकरणों का महत्व उन लोगों को अधिक समझ में आता है ।

ये उपकरण मुख्य आसनों और मुश्किल कोणों को अधिक ऊंचाई, ताकत, वजन और सहारा देकर आसान बना देते हैं। इसके आलावा इन  उपकरणों  के इस्तेमाल से रक्तप्रवाह और श्वास प्रणाली में भी सुधार आता है।  उपकरणों के साथ योग आसनों का अभ्यास तभी अद्वितीय कहा जा सकता है, जब यह आपको क्रिया के साथ आराम भी दे।  यह संपूर्ण शरीर को बिना थकाए नया जीवन प्रदान करते हैं । योग के उपकरणों के साथ योग आसनों का अभ्यास आनंद में वृद्धि करता है। यह उन्हें मुश्किल आसनों को करने का विश्वास देते हैं और अभ्यास को सही दिशा में ढकेलते हैं । उपकरण आपको अभ्यास की सही दिशा प्रदान करता है और आसन के साथ आपकी समझ को विकसित और विस्तृत करता है। ये एक मूक अध्यापक की तरह आपको निर्देश प्रदान करते रहते हैं । योग में काम आने वाले उपकरण के बारे में जानते हैं ।

1- घर में मिल जाने वाले उपकरण –

इस प्रकार के उपकरण आपको घर में ही आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। इनके साथ इस तरह अभ्यास करें कि आसन करते समय इनकी मदद से आपको पूरी सुविधा प्राप्त हो। मूल निर्देशों को ध्यान में रखते हुए याद रखिए कि सबसे महत्वपूर्ण है कि आप आसन करते हुए आरामदायक महसूस करें। मैं आपको इन उपकरणों के संबंध में कुछ आधारभूत जानकारियों से अवगत करवा रहा हूं।

  • कुर्सी
  • लकड़ी कि बेंच
  • अर्ध हलासन स्टूल
  • कम ऊंचाई वाली खुली  स्टूल
  • ऊँचा स्टूल

 

योग में काम आने वाले उपकरण

कुर्सी –

एक फोल्डिग कुर्सी जो पीछे की तरफ खुली होनी चाहिए ताकि आप अपने पैर आसानी से उस हिस्से में प्रवेश करा सकें। यह उपकरण आपको बैठे हुए अपने धड़ को घुमाने में सहायता प्रदान करेगा। भारद्वाज आसन में इसके पिछले हिस्से को मजबूती से पकड़ सकते हैं और आसन आसान बना सकते हैं। यह कुर्सी सलम्ब सर्वांग आसन और हलासन के दौरान आपकी सहायता कर सकती  है। कुर्सी पीछे की ओर झुकने के दौरान आपके धड़ को सहारा देती है। विपरीत दंडासन में भी कुर्सी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पहले यह निश्चित कर लें कि कुर्सी मजबूत और जमीन पर एकदम बराबर तरीके से रखी हुई हो।

 

 

योग में काम आने वाले उपकरण

लकड़ी का बेंच –

विभिन्न आसनों में लकड़ी के बेंच का इस्तेमाल किया जा सकता है। बेंच पर्याप्त चौड़ी और कम से कम दो फीट ऊंची होनी चाहिए। साथ ही यह पर्याप्त मजबूत और बराबर होनी चाहिए। जिस पर आपका पूरा शरीर आसानी से आ जाए। हृदयरोगियों, माइग्रेन ओर श्वास प्रणाली के रोगों से ग्रस्त लोगों के लिए यह उपकारण ज्यादा फायदेमंद होता है अगर वे इसका प्रयोग सेतुबंध सर्वांग आसन के दौरान करते हैं।

 

योग में काम आने वाले उपकरण

अर्धहलासन स्टूल –

यह स्टूल 30 से 45 से.मी. ऊंचा होना चाहिए। यह पैरों और पीठ को सहारा प्रदान करता है। इसकी सहायता से आप परिपूर्ण आसन, उस्तरासन कर सकते हैं। इसकी वजह से आसनों में लचीलापन आता है और पीठ, पेट, बांहों और पैरों को ताकत का अनुभव होता है।

 

 

योग में काम आने वाले उपकरण

योग में काम आने वाले उपकरण – Equipment for Yoga in Hindi

कम ऊंचाई वाली खुली स्टूल –

चारों ओर से खुला हुआ यह स्टूल आपको शरीर पीछे की ओर मोड़ने में सहायता प्रदान करता है। इसकी सहायता से आप उस्तरासन कर सकते हैं। साथ ही आप शरीर को बड़ी आसानी से आगे और पीछे  झुका पाएंगे। इसकी ऊंचाई कम से कम दो फिट की  होनी चाहिए। साथ ही यह जमीन पर बराबर और मजबूती से रखा हुआ होना चाहिए।

 

योग में काम आने वाले उपकरण

ऊंचा स्टूल –

यह आपके जांघ  के मध्य तक आना चाहिए। यह खड़े होकर घूमने में सहारा प्रदान करता है। इसकी सहायता से आप उत्थित मरीचासन कर सकते हैं। यह रीढ़ और पूरा शरीर घुमाने में मदद करता है और थकान भी नहीं होती है। इसको उपयोग में लाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि यह जमीन पर बराबर और मजबूती से रखा हुआ है और यह पर्याप्त चौड़ा है।

2- विशेष प्रकार के उपकरण –

ये उपकरण ऐसे उपकरण हैं जो विशेष प्रकार से योग को ध्यान में रखकर नाये गए हैं ऐसे उपकरण योग में बहुत मदद गार साबित होते हैं ।

  • मसनद
  • फोम का टुकड़ा
  • लकड़ी के क्यूब
  • लकड़ी का बेलना कार क्यूब
  • मोड़ा हुआ कंबल
  • गोल मोड़ा हुआ कंबल
  • योग बेल्ट
  • क्रेप बैंडेज

योग में काम आने वाले उपकरण

मसनद (गोल तकिया) –

मसनद उस समय आपकी सहायता करता है जब आप अपने शरीर को खींच या आराम दे रहे होते हैं। इस मसनद का वजन कम से कम तीन किलो और इसमें अच्छी मात्रा में रूई होनी चाहिए। ये कम से कम दो फीट लंबा और 23 से.मी. व्यास का हो तो बेहतर होगा।

फोम का टुकड़ा –

फोम के टुकड़े का प्रयोग  प्राणायाम के दौरान सिर के नीचे और पीठ के नीचे इस्तेमाल करना होता है। इसका आकार 30 से.मी.x18 से.मी.x 5 से.मी. होना चाहिए।

लकड़ी के क्यूब –

लकड़ी के क्यूब का प्रयोग बहुत से आसनों में होता है । खड़े और बैठकर किए जाने वाले आसनों में ये पैर, घुटने और हथेलियों को सहायता करते हैं। उज्जयी प्राणायाम के दौरान लकड़ी के घन पीठ को सहारा प्रदान करते हैं और छाती को प्रसारित करने में मदद करते हैं। आगे झुक कर किए जाने वाले आसनों में जैसे उत्तान आसन में यह कारगर तरीके से हाथों और सिर को सहारा प्रदान करते हैं। इसका आकार 23 से.मी.x12 से.मी.x 7 से.मी. होना चाहिए। इसके तीन किनारों के अनुसार इसे तीन तरीकों लंबाई में, चौड़ाई में और ऊंचाई में प्रयोग किया जाता है। आप लकड़ी के घन को उसी तरीके से आसनों में इस्तेमाल करें जो आपको सबसे ज्यादा आरामदायक लगता है।

लकडी का बेलनाकार क्यूब –

एक लकड़ी का छोटा गोल टुकड़ा खड़े होकर घूमने में आपकी पर्याप्त सहायता कर सकता है। उत्तिठ मरिचासन में आप बिना थके अपने शरीर को आसानी से घुमा पाएंगे। इसकी ऊंचाई 5 से.मी. और लंबाई 10 से.मी. होनी चाहिए।

मोड़ा हुआ कम्बल –

कम्बल को मोड़कर उसका उपयोग पीठ को सहारा प्रदान करने में, छाती को खोलने ओर विस्तृत करने में और खड़े होकर झुकने वाले आसनों में आसानी से किया जा सकता है। यह प्राणायाम, सलम्ब सर्वांग आसन के दौरान काम आता है। बैठकर किए जाने वाले आसनों में यह पर्याप्त ऊंचाई प्रदान करता है। यह शरीर को रगड़ से बचाता है और आसन की स्थिति में भी सुधार करता है। आसन के दौरान सूती कम्बल का इस्तेमाल करना चाहिए और यह पर्याप्त आकार का होना चाहिए। इसका आकार 2मी.x1.2मी. होना चाहिए। कुर्सी और बेंच पर इसका इस्तेमाल करने से पहले इसे तीन बार मोड़ लेना चाहिए और बैठ कर किए जाने वाले आसनों के दौरान इसे चार या पांच बार मोड़ लेना अच्छा होता है।

गोल मोड़ा हुआ कम्बल –

कम्बल को मोड़कर गर्दन के नीचे सहारे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। पीछे की ओर झुककर किए जाने वाले आसनों में भी यह पीठ को सहारा प्रदान करता है। विपरीत दंडासन, वीरासन और अधोमुख वीरासन में चार बार गोल मोड़कर इस्तेमाल में लाया जा सकता है। यह सीने, जंघा और पसलियों में होने वाले दर्द से बचाता है।

योग मैट ( चटाई ) –

यो मैट लेट कर या बैठ कर योग करने में सहायता करती है, इसकी कम से काम  लम्बाई 6 फिट और चौड़ाई 2 फिट होनी चाहिए ।

योगा बेल्ट –

योगा बेल्ट  कुछ आसनों के असर में वृद्धि कर देते हैं। योग बेल्ट पेशियों और जोड़ों के दर्द से बचाता है और खिंचाव को बेहतर बनाता है। योग बेल्ट आपको आसन के दौरान बिना किसी परेशानी के आवश्यक तनाव प्रदान करता है। सुप्तपादांग उस्तासन उर्ध्व मुख जानु शीर्षासन और परिपूर्ण नवासन में बेल्ट सहायता प्रदान कर सकती है। यह कम से कम दो फीट लंबा और पर्याप्त मजबूत होना चाहिए।

क्रेप बैंडेज –

क्रेप बैंडेज का इस्तेमाल शवासन और प्राणायाम में किया जाता है। ये ढाई से तीन मीटर लंबी और कम से कम दस से.मी. चौड़ी होनी चाहिए। यह मस्तिष्क को ठंडक प्रदान करता है और चेहरे की मांसपेशियों व तंत्रिका तंत्र को सुदृढ़ बनाता है ।

आशा है कि आप समझ पाए होंगे कि योग में काम आने वाले उपकरण कौन कौन से हैं और उनका इस्तेमाल कैसे करना है। अगर आपको ये लेख पसंद आया है तो कृपया कमेंट करें और शेयर करें ।।

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