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Health Supplement

Health Supplement – हेल्थ सप्लीमेंट के फायदे

मवे से लेकर कई बड़ी बड़ी कंपनियां आज हेल्थ संपलीमेन्ट (Health Supplement) के दम पर अपना कारोबार बढ़ाने में लगी हुई हैं। आज  एम्वे  जैसी कम्पनी का 60 प्रतिशत से अधिक कारोबार सेहत व उसकी देखभाल के उत्पादों से ही संबंधित है। स्वास्थ्य से संबंधित यह बाजार इसलिए फल-फूल रहा है क्यूंकि  लोगों में रोगों की रोकथाम से संबंधित यानी प्रीवेटिव हेल्थकेयर के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। कोरोना काल में तो हेल्थ साम्प्लीमेंट उत्पादों की मांग और बड़ी है। आगे हम इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि Health Supplement हमारे जीवन को कैसे प्रभावित कर रहे हैं और हेल्थ सप्लीमेंट के फायदे क्या क्या हैं ।

Health Supplement का महत्व 

स्वस्थ्य  के संदर्भ में आम आदमी की समझ यही है कि व्यक्ति बीमारी से मुक्त रहे, लेकिन मौजूदा जीवन शैली में स्वास्थ्य का अर्थ सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रह गया है। आज स्वास्थ्य की परिभाषा के अंतर्गत शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के साथ- साथ व्यक्ति के सामाजिक और आध्यात्मिक विकास को भी शामिल किया जाता है। स्वास्थ्य का आशय सिर्फ प्रकृति की ओर लौटना और अधिक फल-सब्जियां ग्रहण करना ही नहीं, बल्कि इसके तहत शरीर को ऐसी पोषक तत्वों से भी लैस करना है, जिन्हें ग्रहण कर व्यक्ति तनावों, दबावों और चुनौतियों का डटकर सामना कर सके। लोग, रोगों के रोकथाम के संदर्भ में अतीत की तुलना में अब काफी सजग हो चुके हैं। वे रोगों के इलाज की अपेक्षा इनकी रोकथाम के प्रति कहीं ज्यादा जागरूक हैं। यही वजह है कि अब लोग प्रीवेंटिव हेल्थकेयर के महत्व को समझने लगे हैं और साथ ही वे धीरे – धीरे हेल्थ सप्लीमेंट्स (विटामिनों और विभिन्न पोषक तत्वों से युक्त टैब्लेट्स व कैप्सूल) के महत्व को भी समझने लगे हैं।

हेल्थ सप्लीमेंट की आवश्यकता 

आज की आपा-धापी से भरी और  तनाव से युक्त ज़िंदगी में पौष्टिक व संतुलित आहार अत्यंत महत्व पूर्ण भूमिका निभा सकते हैं । इस संदर्भ में सेहतमंद जिंदगी जीने के लिये संतुलित आहार के अलावा सप्लीमेंट्स और प्रचलित टॉनिकों का महत्व बढ़ जाता है। पोषण की जरूरतों की अनदेखी उस समय की जा रही है, जब गलत जीवन शैली और प्रदूषित पर्यावरण के चलते हमारा रोग-प्रतिरोधक तंत्र कमजोर होने लगा है। फास्ट फूड्स और संतुलित आहार का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। तभी तो इन दिनों 30 साल की उम्र में ही अनेक युवाओं को दिल का दौरा पड़ने लगा है और 20 साल की उम्र में भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगा है। इसके अलावा भी एसिडीटी, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियां पैदा हो रही हैं। ऐसे में हमारे जीवन को स्वस्थ्य रखने के लिए हेल्थ सप्लीमेंट का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है, ये हम कोरोना काल में जान ही चुके हैं। हेल्थ सप्लीमेंट कि मदद से हम अपने शरीर कि प्रतिरोधात्मक क्षमता को बड़ा कर गंभीर बीमारियों से लड़ सकते हैं।

Health supplement का बढ़ता चलन

आज लोगों के समक्ष अनेक स्वास्थ्य क्लबों, जिम, स्पेशल हेल्थ स्टोर्स और पोषण संबंधी जानकारियों के दरवाजे खुले हुए हैं। यदि आप किसी भी लाइफ-स्टाइल स्टोर में प्रवेश करें, तो यह देखेंगे कि वहां की पूरी शेल्फ हैल्थ सप्लीमेंट्स, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी स्ट्रेस कैप्सूल्स से भरी होती है। ये सभी ‘ओवर द काउंटर’ श्रेणी के उत्पाद हैं। और इनके लिए डॉक्टरों के पर्चे की जरूरत भी नहीं होती है। फिर भी इस तरह के सप्लीमेंट्स चिकित्सक के परामर्श बाद ही लेने चाहिए । आज कल स्कूलों के प्रबंधक भी बच्चों में पोषक व संतुलित आहार ग्रहण करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं। स्कूलों में बच्चों को व्यायाम के फायदों के बारे में जागरूक बनाया जा रहा है। स्कूलों की कैंटीनों से जंक फूड्स को हटाने के प्रयास किये जा हैं। इस उफनते बाजार का लाभ उठाने के लिए अधिकांश एफएमसीजी और फार्मा कंपनियां, प्रो. बायोटिक ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, एनर्जी बार और फॉर्टिफाइड फूड्स आदि से संबंधित उत्पादों को लॉन्च कर रही है। इंटरनेट की पहुंच और विकसित देशों से मिलने वाली जानकारियों के चलते भी उपभोक्ता इस श्रेणी के उत्पाद खरीदने में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं। आज कल महामारी के दौर में लोग घरेलू नुस्खों में भी हेल्थ सप्लीमेंट की  तरह के पोषक तत्व ढूढनें लगे हैं ।

हेल्थ केयर (Health care) के प्रति जागरूकता

इन दिनों देश में हेल्थ केयर यानी स्वास्थ्य की देखभाल का मुद्दा है। समस्या बना हुआ है। कारण, डॉक्टरों द्वारा कराए जाने वाले परीक्षणों, उनकी फीस और जीवन-रक्षक दवाओं की बढ़ी हुई कीमतें भी आम आदमी के लिए समस्या बन चुकी हैं। लिहाजा आम आदमी सेहतमंद जीवन जीने की भरसक कोशिश कर रहा है। यही चाहता है कि उसे बीमार न होना पड़े। यही कारण है कि उपभोक्तागण बीमारियों की रोकथाम के उपाय तलाश रहे हैं ताकि उन्हें महंगी स्वास्थ्य सेवाओं का सहारा न लेना पड़े। इसके आलावा महामारी ने भी हेल्थ केयर उत्पादों की मांग अचानक बड़ा दी है। आज कल किसी मेडिकल स्टोर में चले जाईये आपको कोई न कोई विटामिन सी, मल्टी विटामिन या विटामिन डी जैसे अन्य कई उत्पाद खरीदते मिल जायेंगे ।

इसके आलावा विकसित देशों में हेल्थकेयर की लागत बहुत बढ़ चुकी है और हेल्थ केयर के इच्छुक लोग अब किफायती और वैकल्पिक समाधान की खोज में हैं, इसलिए वैकल्पिक मेडिसिन के फायदों के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। नये युग का उपभोक्ता जीवन-शैली और बीमारियों के बीच के रिश्ते को अच्छी तरह समझता है। नैट के बढ़ते चलन से भी आये दिन लोग नयी नयी जानकारियां इकट्ठी कर नए नए हेल्थ केयर के उत्पाद खरीद रहे हैं ।

Health Supplement के बारे में दुस्प्रचार

भारत में हेल्थ सप्लीमेंट के प्रति लोगों ने इन्हे दवाओं के रूप में लेकर आम धारणा बना ली है और आम गलतफहमी भी पाल ली है। भारत में स्वास्थ्य संबंधी सप्लीमेंट्स को अक्सर दवाओं के तौर पर देखा जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ये टैब्लेट्स और 5 कैप्सूल्स के रूप में होती हैं। लिहाजा, कुछ लोग यह समझते हैं कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और गठिया जैसे रोगियों के लिए ही ये दवायें तैयार की गई हैं। तमाम लोगों को यह पता नहीं है कि हेल्थ सप्लीमेंट्स दवायें नहीं होती। सेहत में बीमारी के इलाज के परे भी कुछ महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। ये हैं-पूर्ण पोषण, समुचित व्यायाम, सकारात्मक मानसिक सोच और पर्याप्त विश्राम। इन चारों बातों पर अमल करने के बाद ही समुचित स्वास्थ्य हासिल किया जा सकता है।

हेल्थ सप्लीमेंट का बाजार

डायरेक्ट सेल्स चैनल में उत्पाद और इससे संबंधित पूरी सूचनाएं मिलती हैं। इस समग्र संदर्भ में मल्टी नेशन कम्पनी एमवे इंडिया के प्रबंध निदेशक  के अनुसार ऍम्वे का 60 प्रतिशत से अधिक कारोबार सेहत व उसकी देखभाल के उत्पादों से ही संबंधित है। स्वास्थ्य से संबंधित यह बाज़ार इसलिए फल-फूल रहा है कि लोगों में रोगों की रोकथाम से संबंधित यानी प्रीवेंटिव हेल्थकेयर के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। विभिन्न रोगों का उपचार दिनोंदिन बेहद महंगा होता जा रहा है और इलाज पर होने वाले खर्च के नुकसान को पूरे परिवार को भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में लोग बीमारी को दूर रखने में ही भलाई समझते हैं। इस बदलाव के साथ हेल्थ केयर के अनेक उत्पाद भी बाजार में आ चुके हैं। उपभोक्ता इन उत्पादों को आसानी से समझ सकते हैं। बाज़ार से संबंधित तथ्यों पर शोध-अध्ययन करने वाली एक प्रमुख कंपनी एसी नेल्सन के अनुसार प्रमुख सरोकारों में स्वास्थ्य को लोग पहला मुद्दा मानते हैं और अन्य मामलों को दूसरा।

Health supplement का भविष्य 

आज कल के इस दौर में शहरों में ज्यादातर लोग लंबे समय तक काम करते रहते हैं। इस कारण वे लोग अस्वास्थ्य करने वाले  आहार ग्रहण करने के आदी हो जाते हैं। वे जल्द बाजी में फास्ट फूड्स लेने लगते हैं। ज्यादातर फास्ट फूड्स में जरूरी विटामिन्स और पोषक तत्व नहीं होते हैं और लोगों को विटामिनों और आहार के संतुलन के लिए सप्लीमेंट्स की आवश्यकता पड़ती है। देश में आम खनिजों (मिनरल्स) से लेकर कैल्शियम सप्लीमेंट्स तक अनेक सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं। अब लोग बीमारियों से रोकथाम के उपायों पर जोर देने लगे हैं। वहीं मोटापा और हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़ने की वजह से भी लोगों में सेहत के प्रति सजगता बढ़ी है। ऐसा लगता है कि हम अब प्रीवेंटिव के प्रति काफी सजग हो चुके हैं। इस बाज़ार के निकट भविष्य में और अधिक प्रसार की संभावना है। जैसे जैसे लोगो में स्वस्थ के प्रति जागरूकता बढ़ेगी लोग स्वस्थ सप्लीमेंट अपनाएंगे । कुल मिलाकर स्वस्थ सप्लीमेंट का भविष्य उज्ज्वल है ।।

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