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Online Search – कैसे करें सावधानी पूर्वक ऑनलाइन सर्च

नलाइन सर्च (Online Search) करते समय अक्सर आप शिकार हो जाते हैं खतरनाक डाउनलोड, बोगस साइट और स्पैम संदेश के, ये आपकी सर्च में ठीक वैसे ही शामिल हो जाते हैं जैसे घर पर बिना बुलाए मेहमान। इस लेख में हम जानते हैं कि Online Search – कैसे करें सावधानी पूर्वक ऑनलाइन सर्च ।

ऑनलाइन सर्च से कैसे आते हैं बिन बुलाये मेहमान

इंनटरनेट पर काम करते हुए आप सहज ही ‘स्क्रीनसेवर’ शब्द सर्च करने लगते हैं। क्या आप जानते हैं ‘स्क्रीनसेवर’ शब्द सर्च (खोजना) करना आपके पीसी के लिए कितना खतरनाक हो सकता है ? दर असल यह शब्द गूगल सर्च इंजन पर खोजा जाने वाला सबसे खतरनाक शब्द है। इस सर्च के उत्तर में गूगल जो वेबसाइट लिंक दिखाता है, उनमें आधे से अधिक लिंक ऐसी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जो स्पाईवेयर (यह सॉफ्टवेयर इंटरनेट पर उपभोक्ता द्वारा किए जाने वाले काम की जानकारी अपनी वेबसाइट को देता है) या एडवेयर (अचानक दिखने वाले अनचाहे विज्ञापन) से भरे रहते हैं। परेशानी तब और बढ़ सकती है, जब आप इसमें से किसी वेबसाइट पर पंजीकृत होने के लिए अपना ईमेल एड्रेस दे दें। कुल मिलाकर यह अपने ईमेल एड्रेस पर स्पैम या जंक (अनचाहे या अर्थहीन) संदेशों को धावा बोलने का खुला निमंत्रण देना है।

ऑनलाइन सर्च में बिन बुलाये मेहमानों से बचने के उपाय 

मैकएफी और एंटी स्पाईवेयर कार्यकर्ता बेन इडलमैन ने हाल ही में अपने संयुक्त अध्ययन में पाया कि सर्वश्रेष्ठ सर्च इंजन जैसे एओएल, आस्क डॉट कॉम, गूगल, एमएसएन और याहू पर प्रायोजित परिणाम अक्सर आपको स्पाईवेयर और स्कैम (जालसाज़ी वाली व्यापार योजना से युक्त संदेश) युक्त वेबसाइट की ओर ले जा सकते हैं। ऐसे वेबपेज पर एडवेयर और एम्बडेड कोड होता है, जो इंटरनेट उपभोक्ता को भटकाने के लिए हाईपर टेक्स मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल करते हैं या वेबसाइट पर पंजीकरण के बाद ईमेल पर अनियंत्रित संख्या में स्पैम संदेश भेजते हैं।

मैकएफी के बाज़ार विशेषज्ञ शेन कीट्स कहते हैं कि ज्यादातर वायरस और स्पैम ईमेल इनबॉक्स के जरिए ही पीसी को अपना शिकार बनाते हैं, लेकिन विभिन्न सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर की वजह से इंटरनेट धोखे बाज़ी में लिप्त अपराधी पीसी पर आसानी से कब्ज़ा नहीं कर पाते। यही वजह है किस्कैमर और स्पैमर अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए सर्च इंजन की तरफ बढ़ रहे हैं। इसका प्रमाण है कि जब 1,394 प्रचलित शब्दों को लोकप्रिय सर्च इंजन पर टाइप किया गया तो गूगल और एओएल सर्च इंजन के 5 प्रतिशत परिणाम खतरनाक वेबसाइट लिंक से जुड़े हुए थे। इनमें से 9 प्रतिशत स्पॉन्सर्ड (वेबसाइट के क्लाइंट) और 3 प्रतिशत ऑर्गेनिक (गैर स्पॉन्सर्ड परिणाम जो शब्द के आधार पर आता है) सर्च लिंक परिणाम संदेहास्पद वेबसाइट से जुड़े रहते हैं।                                                          (Online Search)

ऑनलाइन सर्च में सुरक्षित शाफ्टवेर

अध्ययन में एक और बात जो सामने आई वह यह थी कि सर्च वेबसाइट पर फ्री टूल भी उपलब्ध होते हैं ताकि फर्जी या खतरनाक वेबसाइट से निपटा जा सके, लेकिन ऐसा कोई सॉफ्टवेयर उपलब्ध नहीं है, जिससे वेबसाइट लिंक पर क्लिक करने से पहले चेतावनी मिल सके। इसी समस्या के समाधान के लिए मैकएफी कंपनी ने मोजिला फायरफॉक्स और माइक्रोसॉफ्ट इंटरनेट एक्सप्लोरर के साथ मिलकर ब्राउज़र प्लग-इन की सुविधा उपलब्ध करवाई है। इस सुविधा को साइट एडवाइजर नाम दिया गया है। यह सॉफ्टवेयर किसी वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले खतरनाक और फालतू वेबसाइट पर अपना कीमती समय खर्च न करने की चेतावनी देने का महत्वपूर्ण और सुरक्षात्मक तरीका है। इसे डाउनलोड करने के बाद इंटरनेट ब्राउज़र के निचले कोने पर एक छोटा आयताकार आइकन बन जाता है। इसके बाद जब आप कोई साइट सर्च करते हैं और यदि वह सुरक्षित है तो आइकन का रंग हरा रहेगा।

अगर वेबसाइट वायरस या स्पाईवेयर युक्त है तो बटन लाल या पीला(खतरे के स्तर पर आधारित) हो जाएगा। बटन पर करसर ले जाने पर उस साइट से संबंधित खतरे की विस्तृत जानकारी भी मिलेगी कि उसे लाल, पीला या हरा रंग क्यों दिया गया है। साइटएडवाइज़र की यह सुरक्षा रेटिंग एडवेयर, स्पाईवेयर वेबसाइट और उसके डाउनलोड से जुड़े मेलिकस कोड, फिशिंग की कोशिशों, स्कैम और पंजीकृत उपभोक्ता को मिलने वाले स्पैम संदेशों की संख्या के आधार पर तय की गई है।
कीट्स के अनुसार साइट एडवाइज़र सॉफ्टवेयर को तैयार करने के लिए ऑटोमेटेड प्रोसेस का इस्तेमाल करते हुए 3.3 मिलियन वेबसाइट की सुरक्षा का विश्लेषण किया गया। साथ ही 725,500 सॉफ्टवेयर टाइटल और 2.5 मिलियन साइट पर पंजीकृत ईमेल एड्रेस और उन पर भेजे गए ईमेल की संख्या की भी समीक्षा की गई। सिर्फ मैकएफी ही नहीं, यूनाइटेड किंग्डम आधारित कंपनी स्कैनसेफ भी स्कैनडू सॉफ्टवेयर मुफ्त उपलब्ध करवाती है। इसमें साइट एडवाज़र की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही यह पोर्नोग्राफी, गैम्बिलिंग और पाइरेटेड सॉफ्टवेयर के बारे में भी चेतावनी देता है।                               (Online Search)

एक गैर-लाभ समूह स्टॉपबैडवेयर डॉट ओआरजी ने संदेहास्पद वेबसाइट के विषय में जानकारियां एकत्रित करना शुरु कर दिया है। जो गैर-लाभकारी संस्थाओं, कंपनियों, सरकारी कार्यालय और लोगों के लिए उपलब्ध होगी। स्टॉपबैडवेयर डॉट ओआरजी के अनुसार वे ऐसे ही वेबसाइट के नाम ऑनलाइन उजागर करने की दिशा में काम कर रहे हैं ।।

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