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Muhammad yunus – 2006 का नोबेल शांति पुरस्कार विजेता

सन्न  1970 में लगभग 30 वर्षीय उम्र का एक नौजवान मोहम्मद  यूनुस / Muhammad yunus  जो अपनी कद-काठी और तौर-तरीकों से साधारण से व्यक्तित्व का मालिक दिखाई देता था, अपने इलाके और अपनी भाषा के लोगों के साथ हो रहे आर्थिक एवं सामाजिक अत्याचार से व्याकुल होकर प्रतिरोध के उस संघर्ष में शामिल हो गया […]

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 शकीरा वाका वाका - Shakira in Hindi

शकीरा वाका वाका – Shakira in Hindi

शकीरा का जन्म – शकीरा का जन्म 2 फ़रवरी 1977 को  कोलम्बिया के बेरेंकिया शहर में हुआ था। वह अपने माता पिता निडिया रिपोल्ल और विलियम मेबारक छादिद की इकलौती संतान है। उनके पिता के पूर्वज लेबनान में रहते थे जो बाद में न्यूयॉर्क शहर में जाकर  बस गए और वहीँ पर शकीरा का जन्म

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सच कैसे बोलें

सच कैसे बोलें – क्या हमें हमेशा सच बोलना चाहिए ?

सच का हर क्षण अपने आप में सुंदर है। यह ईश्वर की तरह पारलौकिक, अनंत, संपूर्ण और व्याप्त है। इसलिए जो कुछ कहो सच कहो, लेकिन सीधे नहीं परोक्ष सत्य के उद्देश्य में तथ्य की स्पष्टता रखो न कि आहत करने की संभावना। चूंकि मानव की समझ सीमित है, इसलिए सच सीधे न होकर सरल

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अपना अपना सच

अपना अपना सच – सच्चिदानंद का अर्थ क्या है ?

सत्य सभी सीमाओं और संकीर्णताओं को तोड़कर निर्बन्ध बहता है और सभी विरोधाभासों को अपने में समाहित कर लेता है। यह सत्य का स्वरूप है, सत्य की चेतना है, सत्य का आनंद है। यह सत्य की सार्वभौमिकता है। दुनिया में महापरूषों ने सत्य को अपने अपने तरीके से परिभाषित किया है आगे हम जानते हैं

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सत्य की खोज महात्मा गांधी

सत्य की खोज महात्मा गांधी – महात्मा गांधी की नजरों में सत्य

सत्य सभी सीमाओं और संकीर्णताओं को तोड़कर निर्बन्ध बहता है और सभी विरोधाभासों को अपने में समाहित कर लेता है । यह सत्य का स्वरूप है, सत्य की चेतना है, सत्य का आनंद है। यह सत्य की सार्वभौमिकता है। सत्य की परिभाषा बड़ी व्यापक है अन्य महापरूषों कि तरह महात्मा गाँधी ने भी सत्य के

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महात्मा बुध्द का सत्य का मार्ग

महात्मा बुध्द का सत्य का मार्ग – बुध्द की नजरों में सत्य

महात्मा बुद्ध कहते हैं, “सत्य का आग्रह भूलकर नहीं करना चाहिए। सत्य तो अनाग्रह से पैदा होता है।” वे आगे कहते हैं कि “असत्य को पकड़ने की हमारी आदत इतनी जड़ है कि अगर हम कभी एक असत्य को छोड़ते भी हैं तो तत्क्षण हम दूसरे को पकड़ लेते हैं। या अगर कभी भूल-चूक से

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सत्य के कितने सिद्धांत हैं

सत्य के कितने सिद्धांत हैं – सच को परखने के सिद्धांत

कोई घटना या विचार सत्य है ? या असत्य ? या अगर वह सत्य भी है तो उसकी वजहें क्या हैं, इन पर दार्शनिक अपने तरीके से विचार करते रहे हैं इस लेख में हम जानते हैं कि दार्शनिक लोगों के अनुसार सत्य के कितने सिद्धांत हैं और  सच को परखने के सिद्धांत कौन कौन

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  सत्य को कैसे स्वीकार करें

सत्य को कैसे स्वीकार करें – सत्य क्या है झूठ क्या है ?

हम जीवन भर दूसरों के सत्य और अपने असत्य खोजने में लगे रहते हैं इस लेख में हम जानते हैं कि सत्य को कैसे स्वीकार करें  और  सत्य क्या है झूठ क्या है ? अपना अपना सत्य सत्य के बारे में कहा गया है कि यह न तुम्हारा होता है, न मेरा। सत्य वही है

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Steve Jobs Apple CEO

Steve Jobs Apple CEO – स्टीव जॉब्स एप्पल के जनक

जब मैं 17 साल का था. मैंने एक उद्धरण पढ़ा था, जो कुछ ऐसा था, “अगर आप हर दिन को इस तरह जिए कि मानो वह आपका आखिरी दिन है तो आप एक दिन बिल्कुल सही जगह होंगे। इसने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला और उसके बाद से यह मेरा नियम बन गया कि मैं

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खेल का महत्व

खेल का महत्व – खेल के फायदे

कोई भी खेल हो वो हमारे जीवन में बहुत महत्व रखता है। ख़ास कर फिजिकल खेल मारे शरीर के साथ साथ दिल और दिमाग को भी तंदरुस्त रखने इ साथ साथ हमें नयी ऊर्जा और ताकत प्रदान करते हैं। इस लेख के माध्यम से हम जानते हैं कि हमारे जीवन में खेल का महत्व क्या

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